लालचंदवाला गांव की पहली और पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली सगी बहनें रख रही रोजा, अपनी पढ़ाई और देश की खुशहाली के लिए मांगती है दुआ------लक्सर रमजान के महीने मे जहां मुस्लिम समाज के लोग रोजा रख कर इबादत कर रब से दुआ मांगते हैं, वही खानपुर क्षेत्र के लालचंदवाला गांव में दो छोटी बहनें रोजे रखकर रही हैं और अपनी पढ़ाई और तरक्की के साथ-साथ देश की खुशहाली की दुआ मांग रही है। माह ए रमजान में रोजदारों का उत्साह देखते ही बनता है। रमजान के महीने में ही कुरआन शरीफ नाजिल हुई थी।लिहाजा मुस्लिम समाज के लोग बढ-चढ़कर रोजे रखकर बुराइयों से दूर रहने की अपील करते हैं।वही बच्चे भी इससे पीछे नहीं है।खानपुर क्षेत्र के लालचंदवाला गांव निवासी कक्षा एक में पढ़ने वाली जिया और कक्षा पांच में पढ़ने वाली बडी बहन जैस्मीन रोजे रख रही हैं। इतना ही नहीं वह रोजे के उत्साह में सुबह ही उठ जाती है,और रोजा शहरी करती है, इसके बाद वह अपने स्कूल भी जाती है और घर में मां का हाथ भी बताती है, और शाम को रोजा इफ्तीयारी कर रब से अपनी पढ़ाई में तरक्की और देश की खुशहाली की दुआ मांगती है।पहली क्लास में पढ़ने वाली जिया और पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली जैस्मिन ने बताया कि उन्हें रोजा रख बुराइयों से दूर रखने के लिए दादा एहसान अली और दादी मोमीन ने सीख दी है, बताया कि उनके पिता गुलशन्वर एडवोकेट और मम्मी हिना उन्हें रोजे के रखने के नियम बताए है।